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Pubg Battlegrounds Mobile India Pre-Registration इंडिया में हुआ शुरू जाने क्या है तारीख
Pubg Battlegrounds Mobile India Pre-Registration: 18 may 2021 आज से Battlegrounds Mobile India के प्री-रजिस्ट्रेशन भारतीय एंड्रॉइड यूजर्स के लिए शुरू कर दिए हैं। प्लेयर्स के बीच उत्साह बरकरार रखने और उन्हें अपनी ओर आकर्षित करने के लिए Krafton ने कहा है कि जो प्लेयर्स इस गेम के लिए प्री-रजिस्टर करेंगे उन्हें रिवॉर्ड्स दिए जाएंगे।
Game: PUBG Mobile चाइनीज गेम होने की वजह से भारतीय सरकार द्वारा इंडिया में बेन कर दिया गया था चाइनीज सॉफ्टवेर व गेम्स के द्वारा भारतीय यूजर्स का डाटा चीन में लिअक किया जा रहा था | इसलिए पिछले साल भारतीय गवर्मेंट ने इंडिया में चल रहे सारे चाइनीज सॉफ्टवेर व गेम को बेन कर दिया था
Battlegrounds Mobile India Pre-Registration: Pubg game के भारतीय लवर्स का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है । आज से Battlegrounds Mobile India के प्री-रजिस्ट्रेशन भारतीय एंड्रॉइड यूजर्स के लिए शुरू कर दिए हैं। iOS यूजर्स के लिए इसे कब उपलब्ध कराया जाएगा इसकी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, गेम डेवलपर Krafton ने कहा है कि यह गेम एंड्रॉइड और iOS दोनों यूजर्स के लिए फ्री होगा।
PUBG Mobile का भारतीय वर्जन अपने नए अवतार में लॉन्च होने वाला है। खबरों के मुताबिक, Battlegrounds Mobile India को जून महीने में लॉन्च किया जा सकता है। प्लेयर्स के बीच उत्साह बरकरार रखने और उन्हें अपनी ओर आकर्षित करने के लिए Krafton ने कहा है कि जो प्लेयर्स इस गेम के लिए प्री-रजिस्टर करेंगे उन्हें रिवॉर्ड्स दिए जाएंगे।
Battlegrounds Mobile India के प्री-रजिस्ट्रेशन कराते समय इन बातों का रखें खास ख्याल:
- प्री-रजिस्ट्रेशन केवल एंड्रॉइड यूजर्स के लिए ही शुरू होगा। iOS यूजर्स के लिए इसे कब उपलब्ध कराया जाएगा इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
- Battlegrounds Mobile India प्री-रजिस्ट्रेशन लिंक आज दोपहर 12 बजे से लाइव होगा। लिंक के लाइव होने के बाद यूजर को गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा और फिर गेम को सर्च कर प्री-रजिस्टर के बटन पर टैप करना होगा।
- Krafton ने गेम के लिए प्री-रजिस्टर करने वाले यूजर्स के लिए स्पेशल रिवॉर्ड्स की घोषणा की है।
कई Exclusive in-game events और Features होंगे शामिल:
Krafton के मुताबिक, Battlegrounds Mobile India को कई इन-गेम्स इवेंट्स जैसे Outfits और Features के साथ पेश किया जाएगा। आधिकारिक तौर पर इसकी लॉन्च डेट नहीं बताई गई है। बता दें कि कई फेक APK लिंक्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। हम सलाह देते हैं कि इन लिंक्स पर जाकर उसके द्वारा उपलब्ध कराये गए सॉफ्टवेर डाउनलोड न करे ।
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- मछली पालन से मोती उत्पादन तक: प्रमिला मिस्त्री बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
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Krafton के अनुसार, Battlegrounds Mobile India में Exclusive in-game events जैसे outfits और features के साथ टूर्नामेंट और लीग भी गेम का हिस्सा होंगे। उम्मीद की जा रही है कि Battlegrounds Mobile India में ज्यादातर फीचर्स PUBG Mobile की तरह होंगे। हालांकि, Battlegrounds Mobile India में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। इस गेम से संबंधित एक पोस्टर जारी किया गया था जो Sanhok के बान ताई मैप जैसा लग रहा था। बता दें कि Sanhok मैप को सितंबर 2018 में PUBG Mobile में जोड़ा गया था और अब यह Battlegrounds Mobile India का हिस्सा बनने के लिए तैयार है।

Battlegrounds Mobile India में कैसे रजिस्ट्रेशन करे
Pubg Battlegrounds Mobile India में रजिस्ट्रेशन करने के लिए
Battlegrounds Mobile India की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा – Click Here
Pre-Registration Option पर क्लिक करे |
आपके मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर ओपन होगा फिर Pre-Registration पर क्लिक करके रजिस्टर कर ले |
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रिछा के मिन्हाज शकील को UPSC में 513वीं रैंक, 13 बेटियों समेत 53 मुस्लिम अभ्यर्थियों ने लहराया परचम
पीलीभीत। देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा UPSC में इस वर्ष मुस्लिम युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। घोषित परिणामों में कुल 53 मुस्लिम अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनमें 13 छात्राएं भी शामिल हैं। इस उपलब्धि से सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की नगर पंचायत रिछा निवासी मिन्हाज शकील ने 513वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है। लोगों ने मिठाई खिलाकर और बधाइयां देकर खुशी का इजहार किया।इस बार परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वालों में ए.आर. रजा मोहिउद्दीन (रैंक-7), इफरा शम्स अंसारी (रैंक-24), नाबिया परवेज (रैंक-29), हसन खान (रैंक-95), अरफा उस्मानी (रैंक-124), वसीम उर रहमान (रैंक-157), सोफिया सिद्दीकी (रैंक-253) और तोसीफ अहमद गनी (रैंक-254) प्रमुख रूप से शामिल हैं।इसके अलावा असद अकील, मोहम्मद अश्मिल शाह, शाहिदा बेगम, शादाब अली खान, मोहम्मद शोहलत खान, शोएब खान, नाजिया परवीन, शैख मोहम्मद हबीसुद्दीन, शैख मोहम्मद निशातम, साहिल सिहाग, जहाना सरीन, गुलफिजा, हाश्मी मोहम्मद उमर, शाहरुख खान, असना अनवर, मुनीब अफजल पर्रा, अजीम खान, नूर आलम, मोहम्मद इरफान कायमखानी, मोहसीना बानो, गुलाम मायादीन, मोहम्मद नायब अंजुम, मोहम्मद अबुजर अंसारी, इंशा खान, अब्दुल सुफियान खान, फैरुज फातिमा, मोहम्मद हाशिम खान, मोहम्मद सुहैल खान, तोसीफ उल्लाह खान, कोहे सफा, सना अज़मी, यासिर अहमद भट्टी, गुलाम हैदर, मोहम्मद शेजीन, मोहम्मद ऐजाजुल, अज़हर आसिफ खान, मोहम्मद सरफराज चौधरी, अब्दुल्लाह अफरीदी, मोहम्मद शाहिद रजा खान और इरफान अहमद भी सफल अभ्यर्थियों में शामिल हैं।पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सफलता का आंकड़ा काफी बढ़ा है। पिछले वर्ष जहां 29 मुस्लिम अभ्यर्थी सफल हुए थे, वहीं उससे पहले यह संख्या 25 थी। इस वर्ष 53 अभ्यर्थियों की सफलता यह दर्शाती है कि युवाओं में शिक्षा और सिविल सेवा के प्रति रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और अधिक युवाओं को UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी।
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मजदूर का बेटा तारिक बना असिस्टेंट प्रोफेसर, संघर्ष और मेहनत से लिखी सफलता की कहानी
पीलीभीत। कहा जाता है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। कस्बा न्यूरिया के मोहल्ला अब्दुल रहीम निवासी मोहम्मद तारिक ने अपने संघर्ष, लगन और अथक परिश्रम से इस बात को सच साबित कर दिखाया है। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले तारिक का चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा और साक्षात्कार में सफल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।मोहम्मद तारिक के पिता सगीर अहमद मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन वर्ष 2015 में उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक तंगी के बावजूद तारिक की मां आमना बेगम और बड़े भाई मोहम्मद रिजवान ने हार नहीं मानी। दोनों ने गुजरात में मजदूरी कर तारिक की पढ़ाई जारी रखवाई और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा प्रेरित किया। परिवार के इसी त्याग और विश्वास ने तारिक को आगे बढ़ने की ताकत दी।तारिक ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज, न्यूरिया से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की और वर्तमान में महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हैं। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। वर्ष 2021 में उन्होंने सीयूईटी परीक्षा में ऑल इंडिया प्रथम रैंक प्राप्त की, जबकि वर्ष 2023 में जेआरएफ भी क्वालीफाई किया।आज तारिक अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, भाई, चाचा मास्टर अतीक अहमद, मित्र बसीम और अपने गुरुजनों को देते हैं। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं। तारिक की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
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मछली पालन से मोती उत्पादन तक: प्रमिला मिस्त्री बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
पीलीभीत। महिला सशक्तिकरण की दिशा में न्यूरिया क्षेत्र के ब्लॉक मरौरी की प्रमिला मिस्त्री ने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मछली पालन से आर्थिक मजबूती हासिल करने के बाद अब उन्होंने मोती पालन (सीप खेती) की शुरुआत कर अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका यह प्रयास न केवल उनकी आय बढ़ा रहा है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वावलंबन का सशक्त माध्यम बन रहा है।बुधवार को न्यूरिया क्षेत्र की गुप्ता कॉलोनी स्थित तालाब पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रमिला मिस्त्री के मोती पालन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रमिला जैसी महिलाएं ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ की वास्तविक पहचान हैं, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनती हैं।12वीं तक शिक्षित प्रमिला मिस्त्री पहले सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया और अपनी मेहनत व लगन से आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई।अब सीप की खेती के माध्यम से मोती उत्पादन शुरू कर उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। कम लागत में बेहतर आय की संभावना के कारण मोती उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रमिला मिस्त्री का कहना है कि भविष्य में वे इस कार्य से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करेंगी।डीआरपी सुनील कुमार ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 6 लाख 20 हजार रुपये की लागत आती है। एक से डेढ़ वर्ष की अवधि में अनुबंध के तहत अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना रहती है। यदि एक बार में 10 हजार सीप डाली जाती हैं, जिनकी प्रति सीप लागत 62 रुपये है, तो प्रत्येक सीप से दो मोती प्राप्त होते हैं। इन मोतियों को 100 रुपये प्रति मोती की दर से वापस खरीदा जाता है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम वंदना सिंह, डीआरपी सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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