Connect with us

Breaking News

मिशन 2028: अध्यक्ष पद की रेस में बढ़ी गर्मी, अब एक और नाम चर्चा में

छोटू ठेकेदार के बाद मौलाना अब्दुल हमीद नूरी की एंट्री से बदला सियासी माहौल; गुड्डू केके, अब्दुल फय्यूम, आतिफ मुख्तार और आमिश रिक्की भी दावेदारों में

Published

on

न्यूरिया, पीलीभीत। नगर पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर में वर्ष 2028 के निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज होने लगी है। अध्यक्ष पद का आरक्षण तय होने में अभी समय है और चुनाव में करीब दो वर्ष बाकी हैं, इसके बावजूद संभावित दावेदारों की सक्रियता ने नगर की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। सामाजिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क और समर्थकों के बीच सक्रियता के जरिए कई चेहरे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।आरक्षण की तस्वीर साफ होने से पहले शुरू हुई इस कवायद ने नगर में चर्चाओं को हवा दे दी है। राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2028 में अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन-कौन चेहरे उतरेंगे और आरक्षण तय होने के बाद इनमें से कितने अपनी दावेदारी कायम रख पाएंगे।

छोटू ने खोला पत्ता, तेज हुई चुनावी चर्चा-मोहम्मद फारूक उर्फ छोटू ठेकेदार की पिछले करीब 17 दिनों से लगातार सक्रियता ने 2028 के चुनाव को लेकर चर्चाओं को तेज किया है। समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने तथा सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के बीच उन्होंने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की घोषणा कर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।छोटू की घोषणा के बाद नगर की राजनीतिक चर्चाओं में तेजी आई और अध्यक्ष पद के लिए संभावित अन्य चेहरों के नाम भी सामने आने लगे। उनकी सक्रियता को फिलहाल 2028 की चुनावी तैयारियों के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

मौलाना अब्दुल हमीद नूरी की एंट्री ने बदला माहौल– छोटू के बाद मौलाना अब्दुल हमीद नूरी का नाम भी अध्यक्ष पद की संभावित दौड़ में तेजी से चर्चा में आया है। उनकी सक्रियता के बाद समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं।नूरी का नाम जुड़ने से संभावित मुकाबले का दायरा और व्यापक हुआ है। हालांकि आरक्षण अभी तय नहीं है, इसलिए फिलहाल उनकी दावेदारी को संभावित दावेदारी के रूप में ही देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता किस दिशा में बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।

गुड्डू केके—नगर की राजनीति में पहले से सक्रिय– वर्तमान चेयरमैन रिहाना बेगम के पति जुल्फिकार अहमद उर्फ गुड्डू केके नगर की राजनीति में पहले से सक्रिय चेहरा हैं। नगर पंचायत से जुड़े विकास कार्यों और सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता के चलते उनका नाम भी 2028 की संभावित रेस में लिया जा रहा है।सामूहिक विवाह समेत कराये बिकास कार्यों एवं विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी और लोगों के बीच संपर्क के कारण समर्थकों के बीच भी आगामी चुनाव को लेकर चर्चा है।

Advertisement

अब्दुल फय्यूम—अनुभव और पुराने जनसंपर्क का आधार– पूर्व चेयरमैन अब्दुल फय्यूम का नाम संभावित दावेदारों में अहम माना जा रहा है। नगर की राजनीति में तीन बार अध्यक्ष पद संभाल चुके फय्यूम के पास लंबा राजनीतिक अनुभव और पुराना जनसंपर्क है।नगर के राजनीतिक समीकरणों से उनकी पुरानी पकड़ और सक्रियता के कारण 2028 की संभावित तस्वीर पर नजर रखने वालों की निगाहें उनके अगले कदम पर भी टिकी हैं। फिलहाल उनकी ओर से अंतिम रणनीति सामने नहीं आई है, लेकिन संभावित दावेदारों की चर्चाओं में उनका नाम लगातार बना हुआ है।

आतिफ मुख्तार भी दौड़ में– पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय मुख्तार अहमद के पुत्र आतिफ मुख्तार भी अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव में उन्होंने भाजपा के सिंबल पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था।पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि और पिछले चुनाव का अनुभव उन्हें आगामी चुनाव की चर्चाओं में अलग स्थान देता है। 2028 को लेकर उनकी सक्रियता और राजनीतिक रुख आने वाले समय में उनकी स्थिति को और स्पष्ट कर सकता है।

आमिश रिक्की पहले ही जता चुके हैं दावेदारी-वर्तमान सभासद मोहम्मद आमिश उर्फ रिक्की उन चेहरों में हैं, जिन्होंने अध्यक्ष पद को लेकर अपनी दावेदारी पहले ही जाहिर कर दी है। सभासद के तौर पर स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता और लोगों के बीच संपर्क के चलते उनका नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल है।उनकी दावेदारी सामने आने के बाद नगर की चुनावी चर्चाओं में एक और नाम जुड़ गया है। अब उनकी आगे की राजनीतिक सक्रियता पर भी नजर रहेगी।

किसका कितना दम, तय करेंगे कई समीकरण-फिलहाल संभावित चुनावी तस्वीर में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन किसी भी दावेदार की स्थिति को अंतिम नहीं माना जा सकता। अध्यक्ष पद का आरक्षण, राजनीतिक दलों की रणनीति, टिकट, स्थानीय सामाजिक समीकरण, व्यक्तिगत जनसंपर्क और नगर के प्रमुख मुद्दे चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने वाले अहम कारक होंगे।यही वजह है कि मौजूदा सक्रियता को चुनावी तैयारी का शुरुआती चरण माना जा रहा है। आने वाले समय में जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के साथ समीकरण बदल सकते हैं और कुछ नए चेहरे भी मैदान में उतर सकते हैं।

Advertisement

असली तस्वीर आरक्षण के बाद होगी साफ– इन चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल अध्यक्ष पद के आरक्षण को लेकर है। वर्ष 2023 में न्यूरिया हुसैनपुर अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था और रिहाना बेगम निर्वाचित हुई थीं।वर्ष 2028 में अध्यक्ष पद का आरक्षण किस वर्ग के लिए होगा, यह तय होने के बाद ही वर्तमान में चर्चा में चल रहे कई चेहरों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद राजनीतिक दलों के टिकट और स्थानीय सामाजिक समीकरण भी दावेदारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अभी तो शुरुआत है…चुनाव में करीब दो वर्ष का समय बाकी है। ऐसे में आने वाले महीनों में राजनीतिक सक्रियता बढ़ने के साथ कुछ और चेहरे भी सामने आने की संभावना है। फिलहाल छोटू ठेकेदार की घोषणा के बाद मौलाना अब्दुल हमीद नूरी की एंट्री ने सियासी चर्चा को नया मोड़ दिया है। वहीं गुड्डू केके, अब्दुल फय्यूम, आतिफ मुख्तार और आमिश रिक्की के नाम भी दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं। अब निगाहें आरक्षण की घोषणा, राजनीतिक दलों की रणनीति और संभावित प्रत्याशियों की बढ़ती सक्रियता पर टिकी हैं। फिलहाल इतना जरूर है कि 2028 के चुनाव में अभी वक्त बाकी है, लेकिन न्यूरिया में अध्यक्ष पद की सियासी बिसात अभी से सजने लगी है।

24 न्यूज़ एक्सप्रेस | न्यूरिया-पीलीभीत

Advertisement
Continue Reading
Advertisement

Breaking News

अमरिया में पीडीए पंचायत में सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर चर्चा

पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के आयोजन में जुटे सपा नेता-कार्यकर्ता, संविधान और समानता के मुद्दे भी उठे

Published

on

पीलीभीत। सदर विधानसभा क्षेत्र के अमरिया में रविवार को समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए जन पंचायत का आयोजन किया गया। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ सपा नेता हेमराज वर्मा के आयोजन में हुई पंचायत की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने की। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा और विशिष्ट अतिथि पूर्व एमएलसी अमित यादव रहे।पंचायत में सामाजिक न्याय, समानता, सम्मान, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सामाजिक बराबरी और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के साथ संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया। समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने और उनके अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई।

पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें उचित मंच पर उठाने के लिए कार्यकर्ताओं को लगातार लोगों के बीच रहना चाहिए। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जनसरोकार के विषयों पर सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया।पंचायत में पीडीए की एकजुटता और समाज के वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता और संवाद जरूरी है।कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ सदर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

Continue Reading

Breaking News

न्यूरिया में 2028 की सियासत की आहट, अध्यक्ष पद को लेकर बढ़ी हलचल, छोटू ठेकेदार की एंट्री से बदला माहौल

गुड्डू केके और अब्दुल फय्यूम के साथ आतिफ मुख्तार व आमिश उर्फ रिक्की भी जनसंपर्क मे जुटे।

Published

on

न्यूरिया, पीलीभीत। नगर पंचायत न्यूरिया हुसैनपुर में वर्ष 2028 में होने वाले निकाय चुनाव की तारीख भले ही अभी दूर हो, लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर सियासी तैयारियों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। कस्बे में संभावित दावेदारों की सक्रियता और लोगों के बीच बढ़ती आवाजाही ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। खास तौर पर पिछले करीब 15 दिनों में मोहम्मद फारूक उर्फ छोटू ठेकेदार की बढ़ी सक्रियता को लेकर सबसे अधिक चर्चा है। उनके अलावा वर्तमान चेयरमैन रिहाना बेगम के पति जुल्फिकार अहमद उर्फ गुड्डू केके, पूर्व चेयरमैन अब्दुल फय्यूम, पूर्व चेयरमैन स्व. मुख्तार अहमद के पुत्र आतिफ मुख्तार और वर्तमान सभासद मोहम्मद आमिश उर्फ रिक्की भी संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं।

छोटू ठेकेदार की सक्रियता ने बढ़ाई सियासी हलचल

मोहम्मद फारूक उर्फ छोटू ठेकेदार की पिछले करीब 15 दिनों से बढ़ी सक्रियता ने न्यूरिया की राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दी है। वह लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी के साथ व्यक्तिगत मुलाकातों पर भी जोर दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। हालांकि उन्होंने चुनाव को लेकर अंतिम रूप से क्या रणनीति बनाई है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनकी सक्रियता को अध्यक्ष पद की संभावित तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। समर्थकों की सक्रियता ने भी इस चर्चा को और हवा दी है।

गुड्डू केके की सक्रियता पर भी नजर:-

वर्तमान चेयरमैन रिहाना बेगम के पति जुल्फिकार अहमद उर्फ गुड्डू केके नगर पंचायत की राजनीति में पहले से सक्रिय हैं। नगर के विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के बीच उनकी मौजूदगी बनी हुई है। वर्ष 2023 में रिहाना बेगम के अध्यक्ष बनने के बाद नगर पंचायत की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में 2028 के चुनाव को लेकर मौजूदा खेमे की रणनीति पर भी लोगों की निगाहें हैं। छोटू ठेकेदार की बढ़ी सक्रियता के बीच गुड्डू केके का जनसंपर्क राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब्दुल फय्यूम की भी मजबूत मौजूदगी:-

Advertisement

पूर्व चेयरमैन अब्दुल फय्यूम भी अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में प्रमुख नाम के तौर पर चर्चा में हैं। पूर्व कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को लेकर वह लोगों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। समर्थकों से संपर्क और क्षेत्र में सक्रियता के जरिए वह राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। चुनाव में अभी समय होने के कारण फिलहाल सभी दावेदारों की गतिविधियों को शुरुआती तैयारी के तौर पर ही देखा जा रहा है। आतिफ मुख्तार की भी नजर अध्यक्ष पद पर

पूर्व चेयरमैन स्व. मुख्तार अहमद के पुत्र आतिफ मुख्तार भी अध्यक्ष पद को लेकर सक्रिय हैं। वह अपने पिता के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को राजनीतिक विरासत के रूप में लोगों के बीच रख रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा सरकार में अपनी सक्रियता के आधार पर भी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने भाजपा के सिंबल पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब आगामी चुनाव को लेकर उनकी सक्रियता को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं।आमिश उर्फ रिक्की भी मैदान में उतरने की तैयारी में

वर्तमान सभासद मोहम्मद आमिश उर्फ रिक्की अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पहले ही जाहिर कर चुके हैं। सभासद के रूप में क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ वह लोगों के बीच संपर्क बनाए हुए हैं। उनकी दावेदारी से अध्यक्ष पद के संभावित उम्मीदवारों की सूची और लंबी हो गई है।अभी तस्वीर धुंधली, आगे बढ़ेगा मुकाबला फिलहाल चुनाव में करीब दो वर्ष का समय बाकी है। ऐसे में राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ होना अभी बाकी है। आरक्षण की स्थिति और चुनावी परिस्थितियां भी संभावित दावेदारों के समीकरण बदल सकती हैं। इसके बावजूद शुरुआती दौर में जिस तरह अलग-अलग चेहरे लोगों के बीच पहुंच रहे हैं, उससे साफ है कि न्यूरिया में 2028 के चुनाव की राजनीतिक जमीन अभी से तैयार होने लगी है।आने वाले समय में जनसंपर्क के साथ स्थानीय मुद्दे, विकास कार्य, राजनीतिक संगठन और सामाजिक समीकरण संभावित दावेदारों की ताकत तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। चुनाव नजदीक आने तक कई नए चेहरे भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल इतना जरूर है कि न्यूरिया में चुनाव दूर है, लेकिन अध्यक्ष पद की सियासत ने अभी से करवट लेना शुरू कर दिया है।

Continue Reading

Breaking News

वन्यजीव संरक्षण का संदेश, चित्रकला में दिखी बच्चों की प्रतिभा

Published

on

न्यूरिया, पीलीभीत। वन्य प्राणी सप्ताह के तहत शनिवार को मरौरी सेक्शन अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय टहा पौटा में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुमारी केतकी देवी, द्वितीय जगपाल और तृतीय स्थान कुमारी मालती देवी ने प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों के संरक्षण, उनके महत्व और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय वनाधिकारी पीलीभीत विनीत प्रकाश श्रीवास्तव, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी शेर सिंह, वनरक्षक अमित तिवारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और पीलीभीत रेंज का स्टाफ मौजूद रहा।

Continue Reading

Trending