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बासमती प्रशिक्षण केंद्र की रखी गई आधारशिला, 15 करोड़ से होगा निर्माण
टांडा बिजैसी में सात एकड़ में बनेगा वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र-सह-प्रदर्शन फार्म, किसानों से खचाखच भरा रहा पंडाल
न्यूरिया। पीलीभीत को बासमती चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाया गया। अमरिया तहसील क्षेत्र के टांडा बिजैसी में सात एकड़ क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र-सह-प्रदर्शन फार्म का दोपहर करीब एक बजे शिलान्यास हुआ। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री एवं पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद और विशिष्ट अतिथि कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बटन दबाकर परियोजना की आधारशिला रखी।कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के चेयरमैन अभिषेक देव समेत जनप्रतिनिधियों ने अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम का आयोजन एपीडा के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज, न्यूरिया कॉलोनी में आयोजित जनसभा के दौरान किया गया। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण पहुंचे। महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी रही और पंडाल खचाखच भरा रहा।कार्यक्रम में बंगाली समुदाय की महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा और अंदाज में अतिथियों का स्वागत किया।

बंगाली महिलाओं के पारंपरिक स्वागत ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया। इस दौरान उनकी मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रही।कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह,वृज क्षेत्र अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत, ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा, पीलीभीत चेयरमैन आस्था अग्रवाल, मझोला चेयरमैन निशांत प्रताप सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

खेत से विदेशी बाजार तक मिलेगा प्रशिक्षण, केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उपज की गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात पर भी ध्यान देना जरूरी है। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र किसानों को खेत से लेकर विदेशी बाजार तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने राइस मिलर्स से बासमती की मिलिंग और प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि पीलीभीत में बासमती उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन प्रसंस्करण और निर्यात का ढांचा मजबूत करने की जरूरत है।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, गुणवत्ता सुधार, प्रसंस्करण और बाजार की जानकारी मिलेगी। इससे बासमती उत्पादन को नई गति मिलने के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को भी लाभ होगा। बासमती की खुशबू पीलीभीत से लेकर उत्तराखंड तक पहुंचाने की दिशा में यह केंद्र महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।वक्ताओं ने कहा कि बासमती निर्यात में पंजाब की हिस्सेदारी अधिक है, जबकि उत्तर प्रदेश में इसके उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रही है।

जितिन प्रसाद ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख से कृषि आधारित अतिरिक्त योजनाएं लाने में सहयोग मांगा। जनसभा स्थल के पास करीब 24 स्टॉल लगाए गए थे। अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण किया। यहां धान की उन्नत प्रजातियों, बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। एपीडा और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बासमती की गुणवत्ता, उत्पादन और निर्यात की संभावनाओं की जानकारी दी।

45 किस्मों की गैलरी, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, प्रशिक्षण केंद्र में किसानों को बासमती की उन्नत प्रजातियों के चयन, बीज उपचार, फसल प्रबंधन, जैविक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और निर्यात मानकों की जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शन फार्म में आधुनिक कृषि तकनीकों का खेत पर ही प्रदर्शन कर किसानों को उनका व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाया जाएगा।केंद्र में उन्नत बीज इकाई स्थापित की जाएगी, जहां प्रमाणित बासमती बीज उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी जाएगी। इंटरैक्टिव म्यूजियम और गैलरी में बासमती चावल की 45 अधिसूचित किस्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। अत्याधुनिक प्रयोगशाला में चावल का डीएनए परीक्षण, कीटनाशक अवशेष और भारी धातुओं की जांच की सुविधा होगी। इससे निर्यात योग्य उपज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार बासमती की विभिन्न प्रजातियों में 1121 की मांग अधिक रहती है। पीलीभीत और आसपास के क्षेत्रों में बासमती उत्पादन की पर्याप्त संभावनाओं के बावजूद प्रसंस्करण और मिलिंग का ढांचा अपेक्षाकृत कमजोर है। मंडल में 250 से अधिक राइस मिलें हैं, लेकिन अधिकांश मिलर मोटे धान का कारोबार करते हैं। बासमती धान की मिलिंग करने वाले मिलरों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।• बाजार और निर्यात से जुड़ेगा किसानप्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य बासमती का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना है। बेहतर बाजार संपर्क मिलने से किसानों को उपज का उचित मूल्य मिलने और बिचौलियों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इससे पीलीभीत के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बासमती की खेती को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की उपज देश-विदेश के बाजार तक पहुंच सकेगी।

सुरक्षा और यातायात के रहे पुख्ता इंतजाम, शिलान्यास समारोह को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए थे। राजकीय इंटर कॉलेज में मंच, बैठने, पेयजल, साफ-सफाई और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी। बारिश की संभावना को देखते हुए वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया, सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह और सीओ सदर नताशा गोयल ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी की। वाहनों की पार्किंग के लिए भरतपुर कॉलोनी रोड स्थित शिव मंदिर के पास खाली जमीन चिह्नित की गई थी।
किसानों और महिलाओं ने बताया फायदे, लाखन लाल, किसान:
प्रशिक्षण केंद्र बनने से किसानों को उन्नत बीज, नई तकनीक और फसल की गुणवत्ता सुधारने की जानकारी एक ही जगह मिलेगी। इससे उत्पादन और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
नरेंद्र कुमार, किसान:

अभी बासमती की खेती से जुड़ी कई जानकारियां किसानों को अलग-अलग जगहों से जुटानी पड़ती हैं। केंद्र शुरू होने पर खेत पर ही नई तकनीकों का प्रदर्शन मिलेगा।
मोहन लाल, किसान:

अच्छी फसल के बाद किसानों के सामने बेहतर बाजार और उचित मूल्य की चुनौती रहती है। बाजार और निर्यात से जुड़ने का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
मनीषा ठाकुर, गृहणी:

बासमती की नई किस्मों और जैविक खेती को लेकर किसानों में रुचि बढ़ रही है। केंद्र से खेत की परिस्थितियों के अनुसार बेहतर किस्म चुनने में मदद मिलेगी।
संगीता विश्वास:

केंद्र से किसानों को नई किस्मों और आधुनिक खेती की जानकारी मिलेगी। इससे फसल की गुणवत्ता सुधारने के साथ आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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करवा चौथ के दिन उठीं दो अर्थियां, छह माह के राजवीर के सिर से उठा पिता का साया
खटीमा से मजदूरी कर लौट रहे थे दोनों युवक, बनकटी बाईपास रोड पर सड़िया पुल के पास हुआ हादसा
न्यूरिया, पीलीभीत। करवाचौथ पर जहां सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रख रही हैं, वहीं सैजनिया गांव में दो परिवारों के घर मातम पसरा है। बुधवार रात ट्रैक्टर-बाइक की भिड़ंत में जान गंवाने वाले भानू प्रताप (28) और तंशुक राम (40) की मौत ने परिवारों की खुशियां छीन लीं। गुरुवार को करवाचौथ के दिन दोनों की अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। भानू की मौत से उनके छह माह के बेटे राजवीर के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।हादसा बनकटी बाईपास रोड पर बीसलपुर ब्रांच नहर के सड़िया पुल के पास बुधवार रात करीब नौ बजे हुआ। सैजनिया निवासी भानू प्रताप और उनके साथी तंशुक राम खटीमा में मजदूरी करने के बाद बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर और बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में भानू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तंशुक राम की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
करवाचौथ पर पति की जगह मिली मौत की खबर-भानू प्रताप परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए खटीमा में मजदूरी करते थे। दिनभर मेहनत कर मिलने वाली मजदूरी से पत्नी सावित्री और बच्चों का पालन-पोषण करते थे। बुधवार को भी वह रोज की तरह काम पर गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि शाम को वह घर लौट आएंगे, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। गुरुवार को करवाचौथ के दिन जब सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं, तब सावित्री के सामने पति को हमेशा के लिए खो देने का दुख था। जिस जीवनसाथी के साथ उन्होंने भविष्य के सपने देखे थे, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा। पति की मौत और तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी ने सावित्री के सामने जिंदगी की कठिन चुनौती खड़ी कर दी है।छह माह के राजवीर को नहीं मालूम,

अब कभी नहीं लौटेंगे पिता- छह माह का राजवीर अभी इतना छोटा है कि उसे पिता के होने और न होने का अहसास भी नहीं है। उसे नहीं मालूम कि अब उसे गोद में उठाकर दुलार करने वाला पिता कभी लौटकर नहीं आएगा। जिस उम्र में बच्चे पिता की उंगली पकड़कर चलना सीखते हैं, उस उम्र में राजवीर के सिर से पिता का साया उठ गया।भानू के छह वर्षीय बेटे रवि और चार वर्षीय बेटी जूही के लिए भी पिता की कमी को समझ पाना मुश्किल है। बड़े होने पर राजवीर को शायद तस्वीरों और परिवार के लोगों की बातों से ही पिता के बारे में जानना पड़ेगा।भानू अपने पीछे पिता नंदलाल, मां सावित्री देवी, पत्नी सावित्री और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। छोटे भाई आकाश के लिए भी बड़े भाई को खोना गहरा सदमा है। बुजुर्ग माता-पिता का सहारा छिन गया तो पत्नी सावित्री के सामने बच्चों की परवरिश और उनका भविष्य संवारने की जिम्मेदारी आ गई है।

तंशुक राम के परिवार में भी पसरा मातम-हादसे में जान गंवाने वाले तंशुक राम के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उनकी मौत से पत्नी गंगा देवी, बेटे सूर्या और बेटी देवकी का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही हादसे ने दो परिवारों के सहारे छीन लिए। करवाचौथ के दिन दोनों युवकों की अंतिम विदाई से सैजनिया गांव में शोक का माहौल है।
थाना प्रभारी दिगम्वर सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर और बाइक को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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पेनल्टी शूटआउट में गोला गोकर्णनाथ बनी चैंपियन, पीलीभीत को 7-6 से हराया
• नेताजी सुभाष कप-2026 के रोमांचक फाइनल में निर्धारित समय तक नहीं हो सका गोल
•गोला के गोलकीपर तारिक बने मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज
न्यूरिया (पीलीभीत)। न्यूरिया कॉलोनी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत आयोजित ‘नेताजी सुभाष कप-2026’ फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में बृहस्पतिवार को गोला गोकर्णनाथ ने रोमांचक जीत दर्ज की। बेहद कड़े मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट के जरिए गोला गोकर्णनाथ ने पीलीभीत को 7-6 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।शाम पांच बजे शुरू हुए फाइनल मुकाबले में सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मैच के दौरान दोनों ओर से गोल करने के कई तीखे हमले हुए, लेकिन दोनों टीमों के रक्षापंक्ति के खिलाड़ियों और गोलकीपरों ने विरोधी टीम की कोशिशों को नाकाम कर दिया। निर्धारित समय तक दोनों ही टीमें कोई गोल नहीं दाग सकीं और मुकाबला बराबरी पर छूटा।इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। पेनल्टी शूटआउट में दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरकार गोला गोकर्णनाथ ने 7-6 से बाजी मार ली। जीत दर्ज करते ही गोला टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों में जश्न की लहर दौड़ गई।

गोलकीपर तारिक का शानदार प्रदर्शन-

पूरे मैच और टूर्नामेंट में शानदार बचाव करने वाले गोला गोकर्णनाथ के गोलकीपर तारिक को ‘मैन ऑफ द मैच’ के साथ-साथ ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से भी नवाजा गया।विजेता को 14 हजार और उपविजेता को 7 हजार रुपयेमैच में डिवाइन एलर्जी अस्थमा सेंटर एवं अनुज नर्सिंग होम, पीलीभीत के डॉ. दीपक गंगवार और उनकी पत्नी डॉ. पूनम गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

उन्होंने मैच से पूर्व खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथियों ने विजेता गोला गोकर्णनाथ की टीम को ट्रॉफी व 14,000 रुपये और उपविजेता पीलीभीत की टीम को ट्रॉफी व 7,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया।

आयोजन समिति और गणमान्य लोग रहे मौजूद- नेताजी सुभाष चंद्र बोस फुटबॉल कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस टूर्नामेंट में डॉ. दीपक गंगवार, समर चंद्र राय, रामश्याम बीड़ी, दुर्गा पूजा कमेटी, ग्राम प्रशासक विश्वनाथ सरकार, अजीत डे, शिव मिष्ठान भंडार, जगत सीमेंट और डॉ. अरुण मंडल का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष सुब्रत दास, उपाध्यक्ष किशोर बाइन, कोषाध्यक्ष विजय सरकार, स्पोर्ट्स ऑफिसर अनुराग श्रीवास्तव, जिला स्वास्थ्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह, रामचंद्र मंडल, डॉ. आशीष उर्फ बब्लू, निमाई मंडल, राधेश्याम, भवतोष, नित्यानंद साना, प्रकाश दास और विदुर व्यापारी सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
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पुतला दहन से पहले पुलिस की कार्रवाई, अजीम समेत तीन कांग्रेसी हिरासत में
आधी रात को अजीम को पकड़ा, सुबह दो अन्य नेताओं को थाने लाई पुलिस; शाम पांच बजे छोड़ा
न्यूरिया (पीलीभीत)। प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम से पहले पुलिस ने कांग्रेस के जिला महासचिव और नगर पंचायत न्यूरिया के वार्ड नौ के सभासद मोहम्मद अजीम समेत तीन नेताओं को हिरासत में ले लिया। अजीम को सोमवार रात करीब 12 बजे पकड़ा गया, जबकि मीडिया प्रभारी फैज नूरी और अल्पसंख्यक नगर अध्यक्ष हसरुद्दीन को मंगलवार सुबह थाने लाया गया। तीनों को शाम पांच बजे तक थाने में रखा गया।राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के आह्वान पर 20 अक्तूबर को न्यूरिया के मुख्य चौराहे पर पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। अजीम ने सोशल मिडिया के माध्यम संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी।अजीम के मुताबिक, संदेश सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उधर, पुलिस की घेराबंदी के बावजूद एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा कार्यकर्ताओं के साथ कलीनगर पहुंच गए और वहां चौराहे पर पुतला दहन किया। उन्होंने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही न्यूरिया में अजीम समेत तीन नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए।थाना प्रभारी दिगंबर सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के मद्देनजर तीनों को डिटेन में किया गया था।

