Health & Fitness
शमशान घाट पर नहीं थी व्यवस्था, खेत का गन्ना काटकर बनाई अस्थायी छत, किया अंतिम संस्कार
पीलीभीत।जनपद के ब्लॉक मरौरी की ग्राम पंचायत टाह-पौटा के गांव टाह निवासी फार्मर गुरदीप सिंह 62 वर्ष का सोमवार सुबह बीमारी के चलते निधन हो गया। मंगलवार को अंतिम संस्कार के समय परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से शमशान घाट पूरी तरह जलमग्न था और किसी प्रकार की पानी से बचाव की व्यवस्था मौजूद नहीं थी। मजबूरी में परिजनों ने अपने खेत का गन्ना काटकर अस्थायी छत तैयार की और उसी के नीचे गुरदीप सिंह का अंतिम संस्कार किया। मृतक के पुत्र जगजीत सिंह ने बताया कि शमशान घाट पर सरकारी स्तर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बरसात के समय अंतिम संस्कार करने में लोगों को हमेशा दिक्कत उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी स्थिति सामने आने के बावजूद जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं गया।

Educations
मिशन शक्ति फेज-5: पुलिस लाइन पीलीभीत में छात्राओं व महिलाओं की दौड़ प्रतियोगिता आयोजित
पीलीभीत। नारी शक्ति के सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-5 के तहत रविवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड, पीलीभीत में छात्राओं और महिलाओं की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देशन में और सहायक पुलिस अधीक्षक सुश्री नताशा गोयल के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों 1090, 112 और 181 की जानकारी दी और महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और महिलाओं ने परेड ग्राउंड में बने सेल्फी पॉइंट पर खड़े होकर यादगार पल भी साझा किए।

सुश्री गोयल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण समाज की प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं को शासन द्वारा संचालित योजनाओं और मिशन शक्ति अभियान की जानकारी दी और स्वास्थ्य एवं आत्मरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं और महिलाओं ने भाग लेकर नारी शक्ति का संदेश फैलाया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए पुलिस अधिकारियों और प्रतिभागियों की सराहना की गई।

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खेत में मिली नवजात बच्ची, निसंतान दंपति ने अपनाया, 24 घंटे की खुशी के बाद चाइल्ड लाइन ने ली सुपुर्दगी
न्यूरिया (पीलीभीत)। शनिवार सुबह न्यूरिया थाना क्षेत्र की जोशी कॉलोनी में एक खेत में कुछ घंटे पहले जन्मी नवजात बच्ची मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बच्ची किसने और क्यों छोड़ी, इसका अभी तक पता नहीं चल सका। नवरात्र के दौरान अचानक कन्या मिलने से आसपास के लोग हैरान रह गए और बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल पर जुट गए।सूचना मिलते ही स्थानीय साइकिल मिस्त्री जग्गा विश्वास मौके पर पहुंचे। उन्होंने छह साल पहले न्यूरिया कॉलोनी में व्याही संतानहीन वहन राखी व्यापारी को बच्ची गोद देने की इच्छा जताई। जिसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में बच्ची राखी के हाथों में थमाई गई।

राखी ने बच्ची मिलने की खुशी में पड़ोसियों में लड्डू बांटे, नए कपड़े खरीदे और बच्ची को अपने सीने से ऐसे चिपकाया जैसे किस्मत ने उसकी सूनी गोद भर दी हो। कॉलोनी की महिलाएं राखी को “मां” कहकर पुकारने लगीं। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रही। रविवार सुबह जिला प्रोबेशन अधिकारी को जानकारी मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दोपहर 3 बजे बच्ची को सुरक्षित सुपुर्दगी में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र न्यूरिया भेजा। डॉक्टरों ने बालिका की स्थिति देखते हुए उसे एसएनसीयू जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

बच्ची की ममता में खो चुकी राखी बच्ची के जाने पर खूब रोई।निर्वान सिंह ने बताया कि बालिका के स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर होने पर मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और कारा की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसआई मनीष चौरसिया, हेड कांस्टेवल बिशाल राज महिला कांस्टेवल उर्वसी ग्राम प्रधान बिश्वनाथ मंडल, रवि रस्तोगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। राखी के लिए यह केवल 24 घंटे की खुशी थी—एक दिन की मां बनने का सुख, फिर बिछड़ाव की पीड़ा।
Educations
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एम3एम फाउंडेशन ने 28 बच्चों को दी गई छात्रवृत्ति
वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहजीवन को बढ़ावा देने के साथ प्रभावित परिवारों के बच्चों का किया सशक्तिकरण
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से जुड़े बाघ मित्रों और बाघ हमलों से प्रभावित परिवारों के 28 बच्चों को शनिवार को एम3एम फाउंडेशन ने छात्रवृत्ति प्रदान की। जिला वन अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नर्सरी से लेकर बीएएमएस तक की पढ़ाई कर रहे 12 छात्र और 16 छात्राएं शामिल थीं। फाउंडेशन ने इस सहायता के लिए कुल 7.95 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई।
एम3एम फाउंडेशन की ट्रस्टी एवं चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि वन्यजीव और इंसानों के बीच संघर्ष को कम करना संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बाघ हमलों में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के बच्चों को शिक्षा में सहयोग देना संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसीडेंट डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने कहा कि बाघ मित्र जंगलों में सुरक्षा की अहम कड़ी हैं और उनके बच्चों व प्रभावित परिवारों को सहायता देना फाउंडेशन का कर्तव्य है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने एम3एम फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ मानव-वन्यजीव सहजीवन को भी मजबूत करता है।

एम3एम फाउंडेशन अपने वन जीवन प्रोग्राम के तहत पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ एक्सप्रेस सहित कई योजनाओं पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करना और सहजीवन को बढ़ावा देना है।एम3एम फाउंडेशन की यह पहल बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण और सहजीवन को मजबूत करने का उदाहरण है।इस अवसर पर डीएफओ मनीष सिंह के आलावा एम3एम फाउंडेशन के आशीष अग्रवाल, आशीष मेहरा, जाविद मीर भी उपस्थित रहे।
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