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आजम खां की मुश्किलें बरकरार, इन तीन मामलों में जल्द आ सकता है फैसला
रामपुर/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां भले ही सीतापुर जेल से रिहा होकर बाहर आ गए हों, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें अभी भी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। उनके खिलाफ दर्ज 104 मामलों में से कई निपट चुके हैं, मगर फिलहाल तीन अहम केस फैसले के करीब पहुंच चुके हैं।कौन-कौन से मामले निर्णायक दौर में
भड़काऊ भाषण मामला (2019 लोकसभा चुनाव): आरोप है कि रामपुर लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खां ने मतदाताओं को पुलिस के खिलाफ भड़काया और आचार संहिता का उल्लंघन किया। यह केस अब अंतिम चरण में है।
अमर सिंह परिवार पर टिप्पणी (2018): पूर्व सांसद अमर सिंह के परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज यह मामला लखनऊ से रामपुर स्थानांतरित हो चुका है और एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
सेना पर विवादित टिप्पणी (2017): भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज इस केस में बहस पूरी हो चुकी है, जल्द ही कोर्ट का फैसला आ सकता है।अन्य मुकदमे और कोर्ट की तारीखें1 अक्तूबर को आजम खां को शत्रु संपत्ति मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना है। पुलिस ने इस केस में तीन नई धाराएं जोड़ी हैं। यतीमखाना बस्ती मामला और किसानों की जमीन कब्जाने का केस भी विचाराधीन है। अब तक 12 मामलों में फैसला आ चुका है, जिनमें 5 में सजा और 7 में बरी हो चुके हैं।जौहर विवि पर ईडी-आयकर की जांचआजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय भी जांच के घेरे में है। आयकर विभाग की जांच में विवि निर्माण में 350 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई थी और ट्रस्ट से 550 करोड़ रुपये वसूलने की प्रक्रिया जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम की संपत्तियों पर नजर रखी है।
राजनीतिक भविष्य पर सस्पेंस:दो बार लंबे समय तक जेल में रहने के बाद रिहा हुए आजम खां के सामने लगातार मुकदमे और जांचें राजनीतिक करियर को लेकर अनिश्चितता पैदा कर रही हैं।
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मछली पालन से मोती उत्पादन तक: प्रमिला मिस्त्री बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
पीलीभीत। महिला सशक्तिकरण की दिशा में न्यूरिया क्षेत्र के ब्लॉक मरौरी की प्रमिला मिस्त्री ने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मछली पालन से आर्थिक मजबूती हासिल करने के बाद अब उन्होंने मोती पालन (सीप खेती) की शुरुआत कर अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका यह प्रयास न केवल उनकी आय बढ़ा रहा है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वावलंबन का सशक्त माध्यम बन रहा है।बुधवार को न्यूरिया क्षेत्र की गुप्ता कॉलोनी स्थित तालाब पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रमिला मिस्त्री के मोती पालन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रमिला जैसी महिलाएं ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ की वास्तविक पहचान हैं, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनती हैं।12वीं तक शिक्षित प्रमिला मिस्त्री पहले सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया और अपनी मेहनत व लगन से आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई।अब सीप की खेती के माध्यम से मोती उत्पादन शुरू कर उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। कम लागत में बेहतर आय की संभावना के कारण मोती उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रमिला मिस्त्री का कहना है कि भविष्य में वे इस कार्य से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करेंगी।डीआरपी सुनील कुमार ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 6 लाख 20 हजार रुपये की लागत आती है। एक से डेढ़ वर्ष की अवधि में अनुबंध के तहत अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना रहती है। यदि एक बार में 10 हजार सीप डाली जाती हैं, जिनकी प्रति सीप लागत 62 रुपये है, तो प्रत्येक सीप से दो मोती प्राप्त होते हैं। इन मोतियों को 100 रुपये प्रति मोती की दर से वापस खरीदा जाता है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम वंदना सिंह, डीआरपी सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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सिलाई प्रशिक्षण का दीप प्रज्वलन से शुभारंभ
न्यूरिया (पीलीभीत)। मिशन शक्ति के पांचवें चरण के अंतर्गत महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान आर-सेटी पीलीभीत द्वारा सैदपुर समूह की महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।कार्यक्रम में जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा तथा आर-सेटी निदेशक रवि कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की, जो ज्ञान और सशक्तिकरण का प्रतीक रहा।इस दौरान निदेशक रवि कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं निम्न आय वर्ग की महिलाओं को सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकें या छोटे उद्योगों में रोजगार प्राप्त कर सकें। यह प्रशिक्षण 31 दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की वस्त्र सिलाई, कटिंग और डिजाइनिंग जैसे प्रमुख बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर फिजा खानम कार्यक्रम समन्वयक एवं आर-सेटी के अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में भाग लेने वाली महिलाओं ने इस पहल के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लेने की प्रतिबद्धता जताई।
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दीपावली पर्व को लेकर पुलिस रही सतर्क, प्रशिक्षु सीओ ने किया पैदल गश्त
न्यूरिया (पीलीभीत)। दीपावली पर्व पर शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के निर्देशन में शनिवार शाम प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक/ थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री यादव ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के मुख्य मार्गों, बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इक्षेत्र में पैदल गश्त की।गश्त के दौरान उन्होंने दुकानदारों और आमजन से संवाद करते हुए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। प्रशिक्षु सीओ ने कहा कि त्योहारों पर सौहार्द और शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस ने बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से सहयोग की अपील की। गश्त में वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुभाष माबी सहित थाना पुलिस बल शामिल रहा। पुलिस ने दीपावली पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाने का संदेश दिया।


