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“साहब, मेरे छोटे-छोटे चार बच्चे हैं… पति को जमीन बेचने से रोक लीजिए”, डीएम-एसपी के सामने छलका महिला का दर्द
न्यूरिया पीलीभीत। शनिवार को थाना समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव थाना न्यूरिया पहुंचे। उन्होंने फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।समाधान दिवस में जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र की समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। ग्राम पंचायत हरकिसनापुर के प्रधान पति दीपक कुमार ने गौशाला में बिजली कनेक्शन दिलाने की मांग की। वहीं महोफ गांव के प्रधान नरेश विश्वास ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज से सटे क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर स्ट्रीट लाइट लगाने तथा गांव की सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई।थाना समाधान दिवस में कुल चार लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं।
इनमें थाना न्यूरिया क्षेत्र की रहने वाली शीला की फरियाद सबसे मार्मिक रही। महिला ने बताया कि 11 वर्ष पूर्व उसका विवाह थाना माधोटांडा क्षेत्र के गांव रूपपुर कृपा निवासी धर्मेंद्र के साथ हुआ था। उनके तीन बेटियां और एक बेटा है। आरोप है कि पति शराब का आदी है और आए दिन उसके साथ मारपीट करता है।महिला का आरोप है कि पति अपने हिस्से की चार बीघा जमीन बेचना चाहता है। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया, जिसके बाद वह अपने चारों बच्चों के साथ मायके गांव कैमा में रह रही है। फरियाद सुनाते-सुनाते महिला की आंखें भर आईं। उसने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने हाथ जोड़कर कहा, “साहब, मेरे छोटे-छोटे चार बच्चे हैं। मेरे पति को जमीन बेचने से रोक दीजिए। जमीन बिक गई तो बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। मुझे न्याय दिलाइए।”महिला की भावुक गुहार सुनकर वहां मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए भावुक हो गए। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी नताशा गोयल, तहसीलदार अमरिया विद्धेय सिंह, उपनिरीक्षक योगेंद्र बहादुर, उपनिरीक्षक देवेंद्र राणा, उपनिरीक्षक संजीव कुमार, उपनिरीक्षक अतुल चौधरी, विद्युत विभाग के अवर अभियंता संजीव कुमार, राजस्व निरीक्षक रमेश कुमार, लेखपाल लोकेश गंगवार, विनय त्रिवेदी सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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बासमती प्रशिक्षण केंद्र की रखी गई आधारशिला, 15 करोड़ से होगा निर्माण
टांडा बिजैसी में सात एकड़ में बनेगा वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र-सह-प्रदर्शन फार्म, किसानों से खचाखच भरा रहा पंडाल
न्यूरिया। पीलीभीत को बासमती चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाया गया। अमरिया तहसील क्षेत्र के टांडा बिजैसी में सात एकड़ क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र-सह-प्रदर्शन फार्म का दोपहर करीब एक बजे शिलान्यास हुआ। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री एवं पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद और विशिष्ट अतिथि कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बटन दबाकर परियोजना की आधारशिला रखी।कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के चेयरमैन अभिषेक देव समेत जनप्रतिनिधियों ने अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम का आयोजन एपीडा के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज, न्यूरिया कॉलोनी में आयोजित जनसभा के दौरान किया गया। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण पहुंचे। महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी रही और पंडाल खचाखच भरा रहा।कार्यक्रम में बंगाली समुदाय की महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा और अंदाज में अतिथियों का स्वागत किया।

बंगाली महिलाओं के पारंपरिक स्वागत ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया। इस दौरान उनकी मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रही।कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह,वृज क्षेत्र अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत, ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा, पीलीभीत चेयरमैन आस्था अग्रवाल, मझोला चेयरमैन निशांत प्रताप सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

खेत से विदेशी बाजार तक मिलेगा प्रशिक्षण, केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उपज की गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात पर भी ध्यान देना जरूरी है। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र किसानों को खेत से लेकर विदेशी बाजार तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने राइस मिलर्स से बासमती की मिलिंग और प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि पीलीभीत में बासमती उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन प्रसंस्करण और निर्यात का ढांचा मजबूत करने की जरूरत है।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, गुणवत्ता सुधार, प्रसंस्करण और बाजार की जानकारी मिलेगी। इससे बासमती उत्पादन को नई गति मिलने के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को भी लाभ होगा। बासमती की खुशबू पीलीभीत से लेकर उत्तराखंड तक पहुंचाने की दिशा में यह केंद्र महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।वक्ताओं ने कहा कि बासमती निर्यात में पंजाब की हिस्सेदारी अधिक है, जबकि उत्तर प्रदेश में इसके उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रही है।

जितिन प्रसाद ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख से कृषि आधारित अतिरिक्त योजनाएं लाने में सहयोग मांगा। जनसभा स्थल के पास करीब 24 स्टॉल लगाए गए थे। अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण किया। यहां धान की उन्नत प्रजातियों, बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। एपीडा और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बासमती की गुणवत्ता, उत्पादन और निर्यात की संभावनाओं की जानकारी दी।

45 किस्मों की गैलरी, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, प्रशिक्षण केंद्र में किसानों को बासमती की उन्नत प्रजातियों के चयन, बीज उपचार, फसल प्रबंधन, जैविक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और निर्यात मानकों की जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शन फार्म में आधुनिक कृषि तकनीकों का खेत पर ही प्रदर्शन कर किसानों को उनका व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाया जाएगा।केंद्र में उन्नत बीज इकाई स्थापित की जाएगी, जहां प्रमाणित बासमती बीज उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी जाएगी। इंटरैक्टिव म्यूजियम और गैलरी में बासमती चावल की 45 अधिसूचित किस्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। अत्याधुनिक प्रयोगशाला में चावल का डीएनए परीक्षण, कीटनाशक अवशेष और भारी धातुओं की जांच की सुविधा होगी। इससे निर्यात योग्य उपज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार बासमती की विभिन्न प्रजातियों में 1121 की मांग अधिक रहती है। पीलीभीत और आसपास के क्षेत्रों में बासमती उत्पादन की पर्याप्त संभावनाओं के बावजूद प्रसंस्करण और मिलिंग का ढांचा अपेक्षाकृत कमजोर है। मंडल में 250 से अधिक राइस मिलें हैं, लेकिन अधिकांश मिलर मोटे धान का कारोबार करते हैं। बासमती धान की मिलिंग करने वाले मिलरों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।• बाजार और निर्यात से जुड़ेगा किसानप्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य बासमती का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना है। बेहतर बाजार संपर्क मिलने से किसानों को उपज का उचित मूल्य मिलने और बिचौलियों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इससे पीलीभीत के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बासमती की खेती को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की उपज देश-विदेश के बाजार तक पहुंच सकेगी।

सुरक्षा और यातायात के रहे पुख्ता इंतजाम, शिलान्यास समारोह को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए थे। राजकीय इंटर कॉलेज में मंच, बैठने, पेयजल, साफ-सफाई और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी। बारिश की संभावना को देखते हुए वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया, सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह और सीओ सदर नताशा गोयल ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी की। वाहनों की पार्किंग के लिए भरतपुर कॉलोनी रोड स्थित शिव मंदिर के पास खाली जमीन चिह्नित की गई थी।
किसानों और महिलाओं ने बताया फायदे, लाखन लाल, किसान:
प्रशिक्षण केंद्र बनने से किसानों को उन्नत बीज, नई तकनीक और फसल की गुणवत्ता सुधारने की जानकारी एक ही जगह मिलेगी। इससे उत्पादन और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
नरेंद्र कुमार, किसान:

अभी बासमती की खेती से जुड़ी कई जानकारियां किसानों को अलग-अलग जगहों से जुटानी पड़ती हैं। केंद्र शुरू होने पर खेत पर ही नई तकनीकों का प्रदर्शन मिलेगा।
मोहन लाल, किसान:

अच्छी फसल के बाद किसानों के सामने बेहतर बाजार और उचित मूल्य की चुनौती रहती है। बाजार और निर्यात से जुड़ने का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
मनीषा ठाकुर, गृहणी:

बासमती की नई किस्मों और जैविक खेती को लेकर किसानों में रुचि बढ़ रही है। केंद्र से खेत की परिस्थितियों के अनुसार बेहतर किस्म चुनने में मदद मिलेगी।
संगीता विश्वास:

केंद्र से किसानों को नई किस्मों और आधुनिक खेती की जानकारी मिलेगी। इससे फसल की गुणवत्ता सुधारने के साथ आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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छात्राओं ने विधायक, डीएम समेत जनप्रतिनिधियों को बांधी राखी
पीलीभीत। रक्षाबंधन पर्व से पहले बृहस्पतिवार को मरौरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टाह पौटा में रक्षाबंधन उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम में बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा और बीएसए रोशनी सिंह पहुंचे।विद्यालय की छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार की गई रंग-बिरंगी राखियां विधायक, डीएम, जिलाध्यक्ष, सीडीओ और बीएसए की कलाई पर बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। छात्राओं द्वारा बनाई गई राखियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं। राखी बांधने के दौरान विद्यालय परिसर तालियों और खुशियों से गूंज उठा। अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को उपहार दिए और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
👉 जमीन पर बैठकर अतिथियों ने बच्चों के साथ किया भोजन

विद्यालय में तिथि भोज का भी आयोजन किया गया। विधायक, डीएम समेत अन्य अतिथियों ने छात्र-छात्राओं के साथ जमीन पर पंक्तिबद्ध बैठकर भोजन किया। भोज में राजमा-चावल, रायता, सलाद और हलुआ परोसा गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अपने बीच बैठकर भोजन करते देख बच्चे भी उत्साहित नजर आए।जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम और अपनत्व की भावना बढ़ती है। साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जानकारी भी मिलती है। उन्होंने छात्राओं द्वारा स्वयं राखियां तैयार करने की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंह, ग्राम प्रधान, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, भाजपा कार्यकर्ता-पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
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ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने डीएम को बांधा रक्षासूत्र
पीलीभीत। रक्षाबंधन के अवसर पर ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान विद्यालय की शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं।जिलाधिकारी ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच जरूरी है। समय का सदुपयोग करते हुए अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करें।उन्होंने कहा कि ईमानदारी और निरंतर प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों, प्रबंधक और छात्राओं का आभार जताया।

