Breaking News
योजनाओं और निर्माण कार्यों को समयबद्व व गुणवत्तापरक ढ़ंग से करें पूर्ण- ज़िलाधिकारी
पीलीभीत।25 फरवरी 2025. ज़िलाधिकारी संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक गांधी सभागार में सम्पन्न हुई। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सड़क निर्माण, सिंचाई, विद्युत देय, पंचायत भवन निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी/ग्रामीण, छात्रवृत्ति, पेयजल, मुख्यमंत्री स्वरोज़गार योजना, एम्बुलेंस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मुख्यमंत्री आवास योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालन, आजीविका मिशन, कौशल विकास मिशन, लघु सिंचाई, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, अमृत योजना आदि की विभागवार समीक्षा करते हुये सम्बन्धित अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्व व मानक के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान माह जनवरी में बी रैंक प्राप्त किया गया, ज़िलाधिकारी ने अल्पसंख्यक विभाग व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नोडल को रैंक में सुधार लाने के निर्देश दिये। बैठक में जल निगम की समीक्षा के दौरान बी रैंक प्राप्त होने अधिशासी अभियन्ता जल निगम को रैंक में सुधार लाने के निर्देश दिये। बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निपुण परीक्षा में बी रैंक प्राप्त होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रैंक में सुधार लाने के निर्देश दिये। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान 65 मार्गों के सापेक्ष 58 मार्गों का कार्य पूर्ण करा लिया गया अवशेष 07 सड़कों को कार्यों को तेज़ी के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिये। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत 1323 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त उद्योग को रैंक में सुधार लाने के निर्देश दिये। बैठक में फैमिली आईडी की समीक्षा के दौरान प्रगति कम पाए जाने रैंक में सुधार लाने निर्देश दिये। पीएम पोषण एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान प्रगति कम पाए जाने पर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिये जिससे की रैंक में सुधार हो सके। सेतुओं के निर्माण की समीक्षा के दौरान 12 सेतुओं में 06 सेतु का कार्य पूर्ण किया जा चुका है अवशेष 06 सेतुओं के कार्यों को माह मार्च तक पूर्ण कराने के निर्देश दिये। इसके साथ ही ज़िलाधिकारी ने 50.00 लाख से अधिक लागत की भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने ने वेयरहाउस, नगर पंचायत पकड़िया नौगवां कल्याण मण्डप, राजकीय आईटीआई पीलीभीत, गोमती उदगम स्थल, ललित हरि पी0जी0 एवं 50 बेडेड छात्रावास निर्माण, राजकीय हाईस्कूल मुरैना पूरनपुर पेयजल शौचालय एवं मल्टीपरपज हॉल निर्माण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्रावास के निर्माण कार्य, गर्वमेंट इण्टर कालेज पीलीभीत, वृहद गौ-संरक्षण केन्द्र मूसेपुर के निर्माण कार्यों समीक्षा की गई। राजकीय इण्टर कालेज पौटा कलां में स्वच्छ पाइप पेयजल की सुविधा, शौचालय ब्लाक, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष भौतिक/सत्यापन लैब एवं मल्टीपरपज हॉल निर्माण कराने हेतु कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिये कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनको हैण्डओवर कराना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान उन्होंने समस्त निर्माणाधीन संस्थाओं को कडे निर्देश देते हुये कहा कि सभी मजदूरों को पंजीकरण कराना सुनिश्चित किया जाये और साथ ही साथ प्रत्येक श्रमिकों को योजना का लाभ अवश्य प्रदान किया जाये। बैठक की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित विभागों को अवशेष कार्यों को ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। आयोजित बैठक में उन्होंने समस्त निर्माणाधीन संस्थाओं को कडे निर्देश देते हुये कहा कि मा0 मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिये हैं कि कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला अर्थ एवं सख्याधिकारी, उपायुक्त उद्योग,अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण, अधिशासी अभियन्ता जल निगम, जिला विद्यालय निरीक्षक, ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
Breaking News
रिछा के मिन्हाज शकील को UPSC में 513वीं रैंक, 13 बेटियों समेत 53 मुस्लिम अभ्यर्थियों ने लहराया परचम
पीलीभीत। देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा UPSC में इस वर्ष मुस्लिम युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। घोषित परिणामों में कुल 53 मुस्लिम अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनमें 13 छात्राएं भी शामिल हैं। इस उपलब्धि से सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की नगर पंचायत रिछा निवासी मिन्हाज शकील ने 513वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है। लोगों ने मिठाई खिलाकर और बधाइयां देकर खुशी का इजहार किया।इस बार परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वालों में ए.आर. रजा मोहिउद्दीन (रैंक-7), इफरा शम्स अंसारी (रैंक-24), नाबिया परवेज (रैंक-29), हसन खान (रैंक-95), अरफा उस्मानी (रैंक-124), वसीम उर रहमान (रैंक-157), सोफिया सिद्दीकी (रैंक-253) और तोसीफ अहमद गनी (रैंक-254) प्रमुख रूप से शामिल हैं।इसके अलावा असद अकील, मोहम्मद अश्मिल शाह, शाहिदा बेगम, शादाब अली खान, मोहम्मद शोहलत खान, शोएब खान, नाजिया परवीन, शैख मोहम्मद हबीसुद्दीन, शैख मोहम्मद निशातम, साहिल सिहाग, जहाना सरीन, गुलफिजा, हाश्मी मोहम्मद उमर, शाहरुख खान, असना अनवर, मुनीब अफजल पर्रा, अजीम खान, नूर आलम, मोहम्मद इरफान कायमखानी, मोहसीना बानो, गुलाम मायादीन, मोहम्मद नायब अंजुम, मोहम्मद अबुजर अंसारी, इंशा खान, अब्दुल सुफियान खान, फैरुज फातिमा, मोहम्मद हाशिम खान, मोहम्मद सुहैल खान, तोसीफ उल्लाह खान, कोहे सफा, सना अज़मी, यासिर अहमद भट्टी, गुलाम हैदर, मोहम्मद शेजीन, मोहम्मद ऐजाजुल, अज़हर आसिफ खान, मोहम्मद सरफराज चौधरी, अब्दुल्लाह अफरीदी, मोहम्मद शाहिद रजा खान और इरफान अहमद भी सफल अभ्यर्थियों में शामिल हैं।पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सफलता का आंकड़ा काफी बढ़ा है। पिछले वर्ष जहां 29 मुस्लिम अभ्यर्थी सफल हुए थे, वहीं उससे पहले यह संख्या 25 थी। इस वर्ष 53 अभ्यर्थियों की सफलता यह दर्शाती है कि युवाओं में शिक्षा और सिविल सेवा के प्रति रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और अधिक युवाओं को UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी।
Breaking News
मजदूर का बेटा तारिक बना असिस्टेंट प्रोफेसर, संघर्ष और मेहनत से लिखी सफलता की कहानी
पीलीभीत। कहा जाता है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। कस्बा न्यूरिया के मोहल्ला अब्दुल रहीम निवासी मोहम्मद तारिक ने अपने संघर्ष, लगन और अथक परिश्रम से इस बात को सच साबित कर दिखाया है। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले तारिक का चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा और साक्षात्कार में सफल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।मोहम्मद तारिक के पिता सगीर अहमद मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन वर्ष 2015 में उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक तंगी के बावजूद तारिक की मां आमना बेगम और बड़े भाई मोहम्मद रिजवान ने हार नहीं मानी। दोनों ने गुजरात में मजदूरी कर तारिक की पढ़ाई जारी रखवाई और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा प्रेरित किया। परिवार के इसी त्याग और विश्वास ने तारिक को आगे बढ़ने की ताकत दी।तारिक ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज, न्यूरिया से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की और वर्तमान में महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हैं। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। वर्ष 2021 में उन्होंने सीयूईटी परीक्षा में ऑल इंडिया प्रथम रैंक प्राप्त की, जबकि वर्ष 2023 में जेआरएफ भी क्वालीफाई किया।आज तारिक अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, भाई, चाचा मास्टर अतीक अहमद, मित्र बसीम और अपने गुरुजनों को देते हैं। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं। तारिक की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
Breaking News
मछली पालन से मोती उत्पादन तक: प्रमिला मिस्त्री बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
पीलीभीत। महिला सशक्तिकरण की दिशा में न्यूरिया क्षेत्र के ब्लॉक मरौरी की प्रमिला मिस्त्री ने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मछली पालन से आर्थिक मजबूती हासिल करने के बाद अब उन्होंने मोती पालन (सीप खेती) की शुरुआत कर अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका यह प्रयास न केवल उनकी आय बढ़ा रहा है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वावलंबन का सशक्त माध्यम बन रहा है।बुधवार को न्यूरिया क्षेत्र की गुप्ता कॉलोनी स्थित तालाब पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रमिला मिस्त्री के मोती पालन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रमिला जैसी महिलाएं ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ की वास्तविक पहचान हैं, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनती हैं।12वीं तक शिक्षित प्रमिला मिस्त्री पहले सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया और अपनी मेहनत व लगन से आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई।अब सीप की खेती के माध्यम से मोती उत्पादन शुरू कर उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। कम लागत में बेहतर आय की संभावना के कारण मोती उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रमिला मिस्त्री का कहना है कि भविष्य में वे इस कार्य से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करेंगी।डीआरपी सुनील कुमार ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 6 लाख 20 हजार रुपये की लागत आती है। एक से डेढ़ वर्ष की अवधि में अनुबंध के तहत अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना रहती है। यदि एक बार में 10 हजार सीप डाली जाती हैं, जिनकी प्रति सीप लागत 62 रुपये है, तो प्रत्येक सीप से दो मोती प्राप्त होते हैं। इन मोतियों को 100 रुपये प्रति मोती की दर से वापस खरीदा जाता है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम वंदना सिंह, डीआरपी सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
-
Breaking News2 days agoमजदूर का बेटा तारिक बना असिस्टेंट प्रोफेसर, संघर्ष और मेहनत से लिखी सफलता की कहानी
-
Breaking News1 week agoमछली पालन से मोती उत्पादन तक: प्रमिला मिस्त्री बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
-
Breaking News10 hours agoरिछा के मिन्हाज शकील को UPSC में 513वीं रैंक, 13 बेटियों समेत 53 मुस्लिम अभ्यर्थियों ने लहराया परचम

